शाम दोनों किताबें सावंत आंटी की लड़कियां और पिंक स्लिप डैडी छपकर हाथ में आ गईं. हैप्पी. मराठी के उपन्यासकार भालचंद्र नेमाड़े ने दोनों किताबों का लोकार्पण किया. नामवर सिंह और पंकज बिष्ट भी मौजूद थे. एक अच्छा अनुभव. ख़ुशनुमा अहसास. अपनी नई-नवेली, ताज़ा किताबों को छूना किसी भी लेखक को भावुक कर सकता है. और ये तो पहली किताबें हैं कहानी की, तो भला क्यों न हुआ जाए?
इन दोनों किताबों के साथ एक पुस्तिका भी. सबद पर अनुराग वत्स ने जो मेरा इंटरव्यू किया था, उसे राजकमल प्रकाशन ने पुस्तिका ‘सम्मुख : गीत चतुर्वेदी’ के रूप में प्रकाशित किया और इन्हीं दोनों के साथ उसका लोकार्पण भी हुआ. सबद पर इस इंटरव्यू के प्रकाशन के कुछ ही दिनों बाद राजकमल ने इसे पुस्तिका की तरह छापने का निर्णय लिया था. यह इंटरव्यू अनुराग की लंबी मेहनत है. और उनकी पहली प्रकाशित पुस्तक भी. इसके लिए उन्हें ढेर सारी बधाइयां.

इन दोनों किताबों के साथ एक पुस्तिका भी. सबद पर अनुराग वत्स ने जो मेरा इंटरव्यू किया था, उसे राजकमल प्रकाशन ने पुस्तिका ‘सम्मुख : गीत चतुर्वेदी’ के रूप में प्रकाशित किया और इन्हीं दोनों के साथ उसका लोकार्पण भी हुआ. सबद पर इस इंटरव्यू के प्रकाशन के कुछ ही दिनों बाद राजकमल ने इसे पुस्तिका की तरह छापने का निर्णय लिया था. यह इंटरव्यू अनुराग की लंबी मेहनत है. और उनकी पहली प्रकाशित पुस्तक भी. इसके लिए उन्हें ढेर सारी बधाइयां.


