Wednesday, October 15, 2008

??? ??? ??? !!!

??? ... !!! **)(
:(
0-365
आइला झप्‍पा आइला झप्‍पा
बड़े सिपाही जी का ढेटा
हुड़ हुड़ हुप्‍पा फूल के कुप्‍पा
बड़ा सिकंदर वाह वाह.
गड़बड़झाला गले में माला
बड़ा सिकंदर हाय हाय.
:(   :(    :(    :(   :(
%^%777&&&889534
..............................................................................................................................................

don't you cry tonight, i still love you babe'.
for amitav ghosh.



7 comments:

Ek ziddi dhun said...

vah, vah..aisi dhvnyatmak kavitayen kam hee hain.
han, is computer par audio sun paane ka jugaad naheen.

शिरीष कुमार मौर्य said...

क्या बात है?
जेब्बात है !!

'गोमूत्र' भी पढ़ा !

"प्रशस्त वीरपंथ है, बढ़े चलो! बढ़े चलो !!"

Ashok Pande said...

वाक़ई हद है यार!

बुक बुकुर
कुक कुकुर
बुक्कुकुर कुक्कुकुर
बुकुर कुकुर...

हटाओ सालों को!

एक ठो गाना और लगा देओ "ये देस है वीर जवानों का ... इस देस का यारो ... होए! इस देस का यारो ... हुर्र! ..."

जितेन्द़ भगत said...

nice
song was good
सुखवंत सिंह का कारनामा भी बहुत पसंद आया।

Geet Chaturvedi said...

गुर्र
हुर्र
घूरे का घुर्र घुर्र.

संगीता मनराल said...

अच्छा सुनने के बाद टिप्पणी करती हूँ

Mohan Vashisth said...

फुर्र फुर्र
हो गए बाकी
फुर्र फुर्र
अडिपा .....